कागज़ी
Saturday, August 18, 2007
पिछले दिनो इस AD पे काफी बवाल हुआ और आखिर मे भारत मे इसको बैन कर दिया गया अब हमारा समाज इतना तो वयस्क हो ही गया है कि एसे Commercials का लुत्फ देसी भाषा मे उठा सके, या एसा कहना पढ़ेगां ये अभी भी अभीव्यक्ति की स्वतंत्रता दुरूपयोग है । वैसे इस AD का अंदाज़ देसी ही है।
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